पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने अगस्त 2026 में माल ढुलाई के मोर्चे पर एक बार फिर अपना बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज किया है। इस महीने के दौरान रेलवे ने पूरे ज़ोन में कुल 1021 मालगाड़ियों (रेक) को अनलोड कर एक बड़ा मुकाम हासिल किया। यह आंकड़ा न सिर्फ रेलवे के सुदृढ़ और कुशल कामकाज को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि आम जनजीवन और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में एनएफआर कितनी अहम भूमिका निभा रहा है। इस पूरी अवधि में अनाज, उर्वरक, कोयला, चीनी और नमक जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई।

इस माल ढुलाई और वितरण का सबसे बड़ा हिस्सा पूर्वोत्तर के राज्यों के खाते में गया है। अकेले असम में सबसे अधिक 560 रेक अनलोड किए गए, जिसने राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और उपभोक्ता जरूरतों को बड़ी राहत दी है। इसके अलावा त्रिपुरा में 69, मणिपुर में 19, नागालैंड में 15, अरुणाचल प्रदेश में 8 और मिजोरम में 6 रेक उतारे गए। रेलवे की इस तत्परता और कुशल हैंडलिंग से इन राज्यों में आवश्यक और अति-आवश्यक वस्तुओं की समय पर डिलीवरी संभव हो पाई है।

पूर्वोत्तर के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया गया है। अगस्त में पश्चिम बंगाल के विभिन्न गुड्स शेड में 193 रेक और बिहार में 151 रेक अनलोड किए गए। रेलवे प्रशासन का कहना है कि हर स्तर पर की गई प्रभावी निगरानी के कारण ही मालगाड़ियों के टर्नअराउंड समय में भारी कमी आई है। इससे न केवल कुल अनलोडिंग क्षमता में सुधार हुआ है, बल्कि पूरे क्षेत्र की व्यापार कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी एक नई रफ्तार मिली है।