पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय दिया है। 12 सितंबर 2026 को काटाखाल-बइरबी रेल सेक्शन के सबसे प्रभावित जामिरा-बइरबी हिस्से को सफलतापूर्वक बहाल कर लिया गया। महज 10 दिनों की अथक मेहनत में पूरा हुआ यह काम क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
3 सितंबर 2026 को मूसलाधार बारिश ने रेल पटरी के पास भारी मिट्टी कटाव कर दिया था। करीब 70 मीटर लंबा हिस्सा पूरी तरह प्रभावित हो गया और कटाव पटरी के केंद्र से 40 मीटर तक फैल गया। नतीजतन ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से ठप करनी पड़ीं। लेकिन एनएफआर ने चुनौती को स्वीकार किया। निरंतर खराब मौसम, ढीली जमीन और दुर्गम रास्तों जैसी बाधाओं के बावजूद रेल अधिकारियों ने तुरंत कर्मचारियों, भारी मशीनरी और जरूरी सामग्री को मौके पर पहुंचाया।इंजीनियरों और फील्ड कर्मचारियों ने दिन-रात एकजुट होकर काम किया। उन्होंने पहले कमजोर हिस्से को मजबूत किया, फिर क्षतिग्रस्त हिस्से का पूरा पुनर्निर्माण किया। 24 घंटे की निरंतर ड्यूटी और समर्पण के बल पर यह महत्वपूर्ण रेल लिंक सुरक्षित रूप से बहाल हो सका।
12 सितंबर को शाम 4:30 बजे ठीक किए गए हिस्से पर इंजन और कोच के साथ सफल ट्रायल रन संपन्न हुआ। इसके तुरंत बाद सिलचर-सायरंग पैसेंजर ट्रेन (संख्या 55669) सुरक्षित रूप से गुजर गई। काटाखाल-बइरबी सेक्शन पर ट्रेन सेवाएं 13 सितंबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू होंगी।
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