बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई 'जियो प्लेटफॉर्म्स' ने बेहद शानदार शुरुआत की। निवेशकों के भारी उत्साह के बीच कंपनी का शेयर अपने 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 21.35 प्रतिशत के तगड़े प्रीमियम के साथ 1,358 रुपये पर लिस्ट हुआ। शुरुआती कारोबार में ही शेयर ने 1,374 रुपये का उच्चतम स्तर छू लिया, जिससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी दौरान, जियो प्लेटफॉर्म्स में 64.48 प्रतिशत की बहुलांश हिस्सेदारी रखने वाली मातृ कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर भी 1,197 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।

इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से ऐतिहासिक प्रतिक्रिया मिली थी। लिस्टिंग समारोह को संबोधित करते हुए रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने बताया कि यह भारत के इतिहास की सबसे तेज सब्सक्रिप्शन प्रक्रिया रही, जो लॉन्च होने के महज 95 मिनट के भीतर ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गई थी। आईपीओ के लिए 1.3 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए और कुल 7.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई। कुल मिलाकर यह इश्यू 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स श्रेणी में 70.55 गुना और 8,110 करोड़ रुपये के एंकर बुक में 30 गुना (2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम बोलियां प्राप्त हुईं।

आकाश अंबानी ने इस शानदार सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह लिस्टिंग कोई अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि कंपनी के लिए एक नई शुरुआत है। उन्होंने जियो के स्वदेशी प्लेटफॉर्म से जुड़े 54 करोड़ (540 मिलियन) से अधिक ग्राहकों का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी का मुख्य फोकस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने और निवेशकों के लिए मूल्य सृजन पर रहेगा। नए शेयरधारकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि जियो पूरी पारदर्शिता के साथ काम करेगी और आने वाले समय में देश-दुनिया में विकास व उत्कृष्टता के नए मुकाम हासिल करेगी।