बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर पूर्वी तटीय राज्यों में दिखना शुरू हो गया है। तूफान के आगे बढ़ने के साथ ही मंगलवार को ओडिशा के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मंगलवार सुबह यह तूफान विशाखापत्तनम से लगभग 260 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 'अर्नब' 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के पास टकराएगा। तट से टकराते समय (लैंडफॉल के दौरान) 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की आशंका है, जिनके झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। आईएमडी ने ओडिशा के पुरी, गजपति, गंजाम, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि बालासोर और कटक सहित 16 अन्य जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। चक्रवात के कारण भुवनेश्वर में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है और पुरी में भारी जलभराव के चलते जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को बंद कर दिया है। ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने आश्वासन दिया है कि राज्य किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है; संवेदनशील स्थानों पर बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं, आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) ने भी श्रीकाकुलम सहित उत्तरी तटीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।