वारसॉ। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात के बाद कहा कि भारत रूस और यूक्रेन दोनों पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि भारत ऐसे सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रहा है, जिनसे चल रहे युद्ध की मार कम हो सके या संघर्ष पूरी तरह खत्म हो सके।
जयशंकर ने साफ कहा कि युद्ध का कोई विजेता नहीं होता। हर अतिरिक्त दिन का मतलब है और मौतें, और तबाही, दोनों पक्षों का नुकसान और बाकी दुनिया पर बढ़ता आर्थिक बोझ। उन्होंने कहा कि अनंत युद्ध को अब खत्म होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हाल में यही बात सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं। विदेश मंत्री ने जोर दिया कि इस संघर्ष का हल मैदान में नहीं, बातचीत और कूटनीति में है। भारत दोनों पक्षों से विस्तार से बात कर रहा है और ऐसे विचार विकसित करने की कोशिश कर रहा है, जो युद्ध कम करने या रोकने में मददगार साबित हों।
उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में हर संभव सहयोग देने को तैयार है।पोलैंड के साथ हुई वार्ता में सिर्फ यूक्रेन युद्ध ही नहीं, द्विपक्षीय रिश्ते भी प्रमुख रहे। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की। खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा के वैश्विक संकट पर भी बात हुई, क्योंकि कई संघर्षों के चलते पूरी दुनिया इन चीजों की उपलब्धता को लेकर परेशान है।
इससे पहले जयशंकर यूक्रेन की राजधानी कीव गए थे। वहां उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और यूक्रेन के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। कीव से सीधे वारसॉ पहुंचकर उन्होंने दोनों पक्षों से बात करने के बाद फिर दोहराया कि भारत शांति के रास्ते तलाशने में अपनी भूमिका निभाने को तैयार है।
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