त्यौहारों का मौसम नजदीक आते ही देश के विभिन्न हिस्सों से अपने पैतृक घरों की ओर लौटने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। भीड़ और यात्रा की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने दो जोड़ी विशेष ट्रेनों के परिचालन का विस्तार करने का निर्णय लिया है। इन सेवाओं का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना तथा त्योहारों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प देना है। ये विशेष गाड़ियाँ अपनी मौजूदा समय-सारणी, ठहराव और कोच संरचना के साथ ही चलाई जाएँगी, जिससे यात्री पहले से परिचित व्यवस्था के अनुरूप अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।
पहली जोड़ी ट्रेन संख्या 04008 और 04007 है, जो आनंद विहार टर्मिनल से जोगबनी और वापस आनंद विहार टर्मिनल तक फेस्टिवल स्पेशल एक्सप्रेस के रूप में चलेगी। आनंद विहार से जोगबनी जाने वाली ट्रेन संख्या 04008 की सेवाएँ 10 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 तक पाँच फेरों के लिए संचालित की जाएँगी। वापसी यात्रा में जोगबनी से आनंद विहार आने वाली ट्रेन संख्या 04007 की सेवाएँ 11 अक्टूबर से 8 नवंबर 2026 तक पाँच फेरों के लिए चलाई जाएँगी। यह ट्रेन गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहाँपुर, गोंडा, गोरखपुर जंक्शन, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया जंक्शन और फारबिसगंज सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी। सीमांचल क्षेत्र और नेपाल सीमा के निकट स्थित जोगबनी तक यह सीधा संपर्क दिल्ली-एनसीआर तथा उत्तर प्रदेश व बिहार के कई शहरों के यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में बीस कोच लगाए गए हैं।
दूसरी जोड़ी ट्रेन संख्या 08047 और 08048 है, जो सांतरागाछी जंक्शन से नाहरलगुन और वापस सांतरागाछी जंक्शन तक चलेगी। सांतरागाछी से नाहरलगुन जाने वाली ट्रेन संख्या 08047 का परिचालन 11, 18 और 25 सितंबर 2026 को तीन अतिरिक्त फेरों के लिए बढ़ाया गया है। वापसी में नाहरलगुन से सांतरागाछी आने वाली ट्रेन संख्या 08048 की सेवाएँ 12, 19 और 26 सितंबर 2026 को तीन अतिरिक्त फेरों के लिए चलाई जाएँगी। यह सेवा पश्चिम बंगाल को असम होते हुए अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के निकट नाहरलगुन से जोड़ती है और पूर्वोत्तर के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराती है।रेल प्रशासन का मानना है कि इन विस्तारित सेवाओं से नियमित ट्रेनों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होगा तथा प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को भी यात्रा का अवसर मिल सकेगा। दशहरा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान घर लौटने वाले यात्री इन विशेष ट्रेनों का लाभ उठाकर अपनी यात्रा अधिक सुगम बना सकते हैं।
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