नई दिल्ली: देश के आर्थिक विकास, तकनीकी उन्नति और क्लीन एनर्जी संक्रमण (Clean Energy Transition) को एक नई दिशा देने के लिए केंद्रीय खनन मंत्रालय एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। कोयला और खनन मंत्री जी किशन रेड्डी, राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे और खनन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में 15 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉकों की आठवीं ट्रांच की नीलामी का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। यह आयोजन भारत को खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने की सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस बहुप्रतीक्षित आठवीं ट्रांच के तहत देश के नौ अलग-अलग राज्यों में फैले कुल 20 क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए पेश किया जा रहा है। मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन 20 ब्लॉकों में से 13 ब्लॉक बिल्कुल नए हैं, जिनकी पहचान हाल ही में रणनीतिक मूल्यांकन के बाद की गई है। इसके अतिरिक्त, 7 ऐसे खनिज ब्लॉकों को भी इस दौर में शामिल किया गया है जिन्हें दूसरे प्रयास (Second Attempt) के तहत निवेशकों के सामने दोबारा पेश किया जा रहा है। राज्यों के इस व्यापक भौगोलिक विस्तार से न केवल क्षेत्रीय विकास और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश के भीतर ही इन मूल्यवान संसाधनों की खोज और दोहन में तेजी आएगी।

इस नीलामी दौर में शामिल खनिजों का पोर्टफोलियो तकनीकी और औद्योगिक दृष्टिकोण से बेहद समृद्ध और विविधतापूर्ण है। इसके अंतर्गत मोलिब्डेनम, ग्रेफाइट, ग्लॉकोनाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), वैनाडियम, गेलेयुम (Gallium), टाइटेनियम, टंगस्टन, फॉस्फोराइट, पॉटाश, लिथियम, सीज़ियम और रुबिडियम जैसे अत्यंत दुर्लभ और महत्वपूर्ण खनिज शामिल किए गए हैं। ये सभी खनिज आधुनिक औद्योगिक युग की रीढ़ माने जाते हैं, जो विशेष रूप से स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing), रक्षा उपकरण निर्माण, कृषि क्षेत्र के लिए आवश्यक उर्वरकों और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों के विकास के लिए अपरिहार्य हैं। इन खनिजों की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित होने से भारत की विदेशी आयात पर निर्भरता में भारी कमी आएगी।

खनन मंत्रालय का अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड इस बात का स्पष्ट गवाह है कि सरकार की सुधारवादी नीतियां धरातल पर सटीक दिशा में काम कर रही हैं। अब तक सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके सात नीलामी दौरों में मंत्रालय ने वैश्विक मानकों के अनुरूप उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। सरकार ने अब तक पेश किए गए कुल 88 ब्लॉकों में से 56 क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी पूरी कर ली है। यह आंकड़ा 63% से अधिक की सफलता दर को प्रदर्शित करता है, जो सार्वजनिक क्षेत्र की बोलियों और प्राकृतिक संसाधनों के पारदर्शी आवंटन के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।