पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के अंतर्गत आने वाले कटिहार डिवीज़न के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचागत सफलता सामने आई है। पूर्वोत्तर सीमांत परिमंडल, कोलकाता के रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) सुमित सिंघल ने कटिहार-कुरेठा और कटिहार-सोनैली के बीच नवनिर्मित ब्रॉड गेज (BG) दोहरीकरण रेलखंडों का गहन और व्यापक सुरक्षा निरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। यह महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्य १७ जून से १९ जून, २०२६ तक तीन दिनों तक चलाया गया, जिसके दौरान सुरक्षा मानकों, सिग्नलिंग प्रणाली और ट्रैक की मजबूती की बारीकी से जांच की गई।
सुरक्षा और गति परीक्षण के सभी मापदंडों पर खरा उतरने के बाद, रेल संरक्षा आयुक्त ने इन दोनों नवनिर्मित दोहरी-लाइन खंडों की मुख्य लाइन पर ११० किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से यात्री (Passenger) और मालगाड़ी (Freight) दोनों ही प्रकार की ट्रेनों के परिचालन को अपनी आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है।
  • कटिहार - कुरेठा खंड: कुल दूरी ११.०६ किलोमीटर, जिसे पूरी तरह दोहरीकृत और ब्रॉड गेज में अपग्रेड किया गया है।
  • कटिहार - सोनैली खंड: कुल दूरी १६.२० किलोमीटर, जिस पर अब दोहरी पटरियों का परिचालन शुरू होगा।
  • अधिकतम स्वीकृत गति: ११० किलोमीटर प्रति घंटा (यात्री और मालगाड़ियों दोनों के लिए)।
बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण और रणनीतिक महत्व
यह नवनिर्मित डबल लाइन नेटवर्क दो बड़ी और महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का एक अहम हिस्सा हैं:
१. कटिहार-कुमेदपुर नई दोहरी लाइन परियोजना
२. कटिहार-मुकुरिया नई दोहरी लाइन परियोजना
इस क्षेत्र में लाइनों के दोहरीकरण का मुख्य उद्देश्य रेलवे की परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) को बढ़ाना और पुराने पड़ चुके सिंगल-लाइन नेटवर्क के कारण होने वाली देरी को समाप्त करना है। इन खंडों के पूरी तरह चालू हो जाने से उत्तर-पूर्व को जोड़ने वाले पूरे रेल नेटवर्क में ट्रेनों की आवाजाही में अभूतपूर्व सुधार होगा। इससे न केवल लाइन क्षमता (Line Capacity) में भारी वृद्धि होगी, बल्कि क्रॉसिंग के लिए ट्रेनों को रोकने की समस्या खत्म होने से परिचालन में अधिक सुगमता और समयबद्धता मिलेगी।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) के के शर्मा ने कहा कि इन दोहरी-लाइन खंडों का सफलतापूर्वक चालू होना रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एनएफ रेलवे अपने यात्रियों और माल ढुलाई ग्राहकों को अधिक कुशल, सुरक्षित, तीव्र और विश्वसनीय परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह परियोजना इसी दीर्घकालिक दृष्टिकोण का परिणाम है।
स्थानीय निवासियों और यात्रियों के लिए विशेष सुरक्षा चेतावनी
सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ, रेलवे प्रशासन ने पटरियों के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों के लिए एक सख्त सार्वजनिक सुरक्षा परामर्श भी जारी किया है। सीपीआरओ के के शर्मा ने जनता से अपील की है कि वे पटरियों के आसपास हमेशा अत्यधिक सतर्क रहें।
रेलवे ने निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है:
  • अनाधिकृत प्रवेश निषेध: किसी भी अनधिकृत स्थान से रेलवे पटरियों को पार करना या पटरियों पर घूमना पूरी तरह से वर्जित है।
  • कानूनी कार्रवाई: अनधिकृत रूप से पटरियों को पार करना रेलवे अधिनियम के तहत एक गंभीर और दंडनीय अपराध है, जिसके लिए जुर्माना या जेल हो सकती है।
  • जान-माल का खतरा: नई लाइनों के शुरू होने के बाद ट्रेनों की आवृत्ति (Frequency) और गति (११० किमी/घंटा) बढ़ जाएगी। ऐसे में असावधानी बरतने पर व्यक्तिगत सुरक्षा और ट्रेन परिचालन दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
  • निर्धारित स्थानों का उपयोग: जनता और स्थानीय निवासियों को केवल स्वीकृत रेलवे क्रॉसिंग, फुट ओवर ब्रिज (FOB) या सबवे का ही उपयोग करने की सलाह दी जाती है।